हमारे देश में अर्थ व्यवस्था का एक मजबूत स्तम्भ पर्यटक है। समूचा उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान के बड़े-बड़े किले और मध्य प्रदेश के खुजराहो जैसे पर्यटक स्थल देश-विदेश के द्घुमक्कड़ों का ध्यान अपनी तरफ बरबस ही खींच लेते हैं। इन पर्यटक स्थलों पर हजारों लोगों को रोजी-रोटी भी इन्हीं मेहमानों से मिलती है। पिछले दिनों आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी होने से पर्यटनों ने पर्यटकों को सुविधाएं देने की नीति तैयार की है। पर्यटन केन्द्रों को केन्द्र सरकार ने फिलहाल कोई अनुदान तो नहीं दिया है लेकिन उनके करों में रियायत करने का इरादा जरूर जाहिर किया है। पर्यटकों को ठहरने के लिए होटल आदि में अब कम खर्च में रहने-खाने की सुविधा मिल सकेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही आतंकवादियों से निपटने के कारगर तरीके भी अपनाए जा रहे हैं। पर्यटक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है। स्थानीय लोगों को भी यह समझाया जा रहा है कि पर्यटकों को यथा संभव सुविधा दें ताकि उनको भी लाभ मिल सके। इस प्रकार कुल प्रभाव यह पड़ा कि सभी पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। (हिफी)